Monday, November 21, 2011

एक शिक्षक के चार सफल पुत्र... (Four successful sons of a teacher...)

विशेष नोट : अगर आप जवाब ढूंढ लेते हैं तो ठीक, वरना कमेंट लिख दीजिएगा, मैं जवाब आपको मेल के जरिये भेज दूंगा...

एक समय की बात है, विद्या सागर नामक एक अध्यापक हुआ करते थे, जिनका अपने कार्यकाल में चार अलग-अलग शहरों में तबादला हुआ, और चारों ही शहरों में उनके घर एक-एक पुत्र का जन्म हुआ...

चारों पुत्रों ने बेहद मेहनत करते हुए पढ़ाई-लिखाई की, और उसके बाद व्यापार करना शुरू किया, जिसमें वे बहुत सफल हुए, और आखिरकार जब उन्होंने अपने-अपने पुत्रों को कम्पनी में अपनी-अपनी जगह बिठाकर कामकाज से अवकाश ले लिया, चारों ने अपनी पसंद की एक-एक कार खरीदी...

  1. चारों में से एक पुत्र का नाम ईश्वर चंद्र था; एक अन्य का जन्म 1953 में हुआ था; एक अन्य का जन्म हैदराबाद में हुआ था; तथा एक अन्य ने कामकाज से अवकाश लेने के बाद बेन्टले कार खरीदी थी, और उसकी पत्नी का नाम कमला देवी था...
  2. जिस पुत्र ने कामकाज से अवकाश लेने के बाद पोर्श कार खरीदी थी, उसका जन्म बेन्टले कार खरीदने वाले पुत्र के बाद हुआ था...
  3. जिस पुत्र का जन्म 1940 में हुआ था, उसने मर्सिडीज़ कार खरीदी थी...
  4. एक पुत्र ने फेरारी कार खरीदी थी, और सरस्वती देवी से विवाह किया था... (परन्तु यह पुत्र अयोध्या प्रसाद नहीं था...)
  5. बृज नारायण का जन्म भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु से पहले हुआ था, परन्तु निश्चित रूप से उसका जन्म भारत छोड़ो आन्दोलन के बाद हुआ था... और हां, उसका जन्म श्रीनगर में हुआ था...
  6. प्रभु दयाल की आयु अयोध्या प्रसाद की तुलना में कम थी...
  7. अयोध्या प्रसाद ने बेन्टले कार नहीं खरीदी थी, और उसका विवाह रुक्मिणी देवी से नहीं हुआ था...
  8. लखनऊ में पैदा हुआ पुत्र उस पुत्र से भी पहले पैदा हुआ था, जिसका जन्म श्रीनगर में हुआ था, और अयोध्या प्रसाद से भी पहले...
  9. विद्या सागर के दो पुत्रों का जन्म 1943 और 1967 में हुआ था...
  10. एक पुत्र का जन्म जयपुर में हुआ था...
  11. एक पुत्र की पत्नी का नाम सुमित्रा देवी था...
अब आप लोग मुझे बताएं, विद्या सागर के किस पुत्र का किस वर्ष, और किस शहर में जन्म हुआ, उसने कामकाज से अवकाश लेने के बाद कौन-सी कार खरीदी, और उसकी पत्नी का नाम क्या था...

Now, the same riddle in English...

Special Note: If you succeed in solving this one, well and good; but in case, you don't, just leave a comment, and I will mail the answer to you...

Once upon a time, there lived a school-teacher named Vidya Sagar, who got transferred to four different cities during his job, and a son was born to him in each of the cities he worked in...

All four sons studied hard, and later started a business, which flourished, and they became very successful businessmen, and after a long time, when each of them got retired after handing over his position in the company to his son, he bought the car of his dreams for himself...

  1. One of the sons was Ishwar Chandra; another was born in 1953; another was born in Hyderabad; and another bought a Bentley, with the money he got after the retirement, and got married to Kamla Devi...
  2. The son, who later bought a Porsche, was born after the son, who bought a Bentley...
  3. The son born in 1940, later bought a Mercedes...
  4. One of the sons bought a Ferrari, and got married to Saraswati Devi... (But this son was not Ayodhya Prasad...)
  5. Brij Narayan was born before the first Prime Minister of India Pandit Jawahar Lal Nehru passed away, but certainly after the Quit India Movement... And yes, he was born in Shrinagar...
  6. Prabhu Dayal was younger than Ayodhya Prasad...
  7. Ayodhya Prasad did not buy a Bentley, and did not get married to Rukmini Devi...
  8. The son, who was born in Lucknow, was born before the son born in Shrinagar, and also before Ayodhya Prasad...
  9. Two of Vidya Sagar's sons were born in 1943, and 1967...
  10. One of the sons was born in Jaipur...
  11. The name of the wife of one of the sons was Sumitra Devi...
So, now you guys tell me, which son of Vidya Sagar was born in which year, and in which city, which car did he buy after the retirement, and the name of the lady he got married to...

13 comments:

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  2. प्रकाश भाई, इस बार 'लगभग सही' कहना होगा, क्योंकि मेरे हिसाब से दो पुत्रों के जन्म के शहर आपने अदल-बदल कर दिए... बाकी सब कुछ बिल्कुल सही है... :-)

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  3. आप सिर्फ यह बताईये कि आपके दिए गए 14 निर्देशों में से मेरा जवाब किस पर खरा नहीं उतरा ?

    मैंने भलीभांति चेक करने के बाद ही जवाब भेजा था !
    प्लीज स्पष्ट करें !

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  4. प्रकाश भाई, निर्देशों में एक बात मैं स्पष्ट नहीं कर पाया था, जो आमतौर पर हर लिखने वाले के साथ होता है... कभी-कभी लगता है, जो अर्थ हमारे दिमाग है, उसके अलावा कोई और अर्थ संभव ही नहीं है... दरअसल पहले चार संकेत चार अलग-अलग पुत्रों के बारे में हैं, और मुझे यह ध्यान नहीं रहा, कि समझने वाला इन्हें किसी एक पुत्र की दो विशेषताएं भी समझ सकता है... वैसे, इसे अब पहेली में दुरुस्त कर दिया है, और हां, आपका जवाब भी तत्कालीन शर्तों पर पूरी तरह खरा उतरता है... :-)

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  5. हाँ विवेक भाई ...आपकी बात बिलकुल सही है !
    सवाल पूछने वाले के दीमाग में पहले से तयशुदा जवाब होता है इसलिए वह दूसरी संभावनाओं की आशा नहीं करता लेकिन आपने पहले भी कई बार देखा ही होगा कि मेरे जवाब आपके अनुसार न होते हुए भी सही थे !

    चूँकि ज्यादा जवाब नहीं होते हैं इसलिए इस तरह के सवालों के जवाब एक बार चेक करने में कोई बुराई नहीं है !
    बहुत एकाग्रता के पश्चात ही ऐसी पहेलियों के जवाब दे पाना संभव होता है इसलिए जरा सा भी नुक्स पाकर दिल तड़प जाता है सरकार :)

    और हाँ ..... बधाई मुझे अभी तक नहीं प्राप्त हुयी है !

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  6. आपके जवाब गलत तो विरले ही मौकों पर हुए हैं, और मैंने तो हमेशा सभी से यही कहा है, प्रकाश गोविन्द के रहते मेरी कोई भी पहेली अनसुलझी रह ही नहीं सकती...

    चेक हमेशा करता हूं, आज भी किया था, लेकिन बस, दिमाग में वही रहा, "स्पष्ट ही तो लिखा है मैंने..." और बस, यहीं अपनी बात अपने ढंग से समझाने से चूक गया...

    यह बात भी सही है कि पूरी मेहनत के बाद जब जवाब को गलत बताया जाता है, तड़प होती है, सो, माफी चाहता हूं अपनी लापरवाही के लिए, और भाई, बहुत-बहुत बधाई... पहेली की जो शर्तें दिखाई दे रही थीं, उनके मुताबिक आपका जवाब सौ टका सही है...

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  7. अरे गुरुदेव आपने कह दिया बस .........
    मेरी तो छाती गर्व से चौड़ी हो गयी

    बहुत ही परिश्रम से आप पहेलियाँ तैयार करते हैं
    हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ !

    ख़ास तौर पर इस तरह की पहेलियाँ मुझे बेहद पसंद आती हैं ... एक चुनौती का अहसास तो होता ही है .....सही जवाब तक पहुँचने पर संतुष्टि भी मिलती है ! इधर आपने तीन-चार पहेलियाँ इसी तरह की पेश कीं ......मुझे बहुत आनंद आया ! एक बार पुनः आभार !

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  9. आशीष भाई, जवाब बिल्कुल सही है... बधाई... :-)

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    1. गौतम भाई, आपका जवाब बिल्कुल सही है... बहुत-बहुत बधाई... :-)

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