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Sunday, March 9, 2014

सार्थक और निष्ठा ने बेचीं चॉकलेट... (Saarthak & Nishtha sold chocolates...)

विशेष नोट : अगर आप जवाब ढूंढ लेते हैं तो ठीक, वरना कमेंट लिख दीजिएगा, मैं जवाब आपको मेल के जरिये भेज दूंगा...


जिस स्कूल में मेरे बच्चे सार्थक और निष्ठा पढ़ते हैं, वहां वार्षिक मेला आयोजित किया गया, जिसके दौरान मेरे बच्चों में चॉकलेट का स्टॉल लगाया...

स्टॉल चलाने के लिए सार्थक और निष्ठा ने दो तरह की चॉकलेट के कुल 40 पैकेट खरीदे, जिनमें से 'ई' टाइप (महंगी) चॉकलेट की लागत थी, 150 रुपये प्रति पैकेट, तथा 'सी' टाइप (सस्ती) चॉकलेट की लागत थी, 90 रुपये प्रति पैकेट...

उन्होंने सारी चॉकलेट मिला दीं, और नए सिरे से 40 पैकेट बनाकर 180 रुपये प्रति पैकेट की दर से बेच दिए...

जब सारी चॉकलेट बिक गईं, उन्हें कुल 33.33 प्रतिशत का लाभ (मुनाफा) हुआ...

क्या आप लोग बता सकेंगे, उन्होंने शुरू में किस टाइप की चॉकलेट के कितने पैकेट खरीदे थे...?

Now, the same riddle in English...

Special Note: If you succeed in solving this one, well and good; but in case, you don't, just leave a comment, and I will mail the answer to you...

The school, in which my kids Saarthak and Nishtha study, organised the annual fete, and my kids ran a stall there to sell chocolates...

To run the stall, they bought a total of 40 packets of two types of chocolates - 'E' (expensive) type chocolates costed them Rupees 150 per packet, and the 'C' (cheap) type chocolates Rupees 90 par packet...

They mixed all the chocolates, and made 40 packets again, and sold them at Rupees 180 per packet...

And when all the chocolate packets got sold, they made a profit of 33.33 per cent...

Can you guys tell me, how many packets of each type they had bought initially...?

Thursday, January 9, 2014

आइए खेलें, 'हनोई की मीनार' या 'ब्रह्मा की मीनार'... (Let's play the Tower of Hanoi...)

'हनोई की मीनार' या 'ब्रह्मा की मीनार' एक गणितीय खेल या पहेली है, जिसे 'टॉवर ऑफ हनोई' (Tower of Hanoi), 'टॉवर ऑफ ब्रह्मा' (Tower of Brahma) या 'ल्यूकस टॉवर' (Lucas' Tower) भी कहा जाता है... इंटरनेट पर इस पहेली या खेल के बारे में अंग्रेज़ी में बहुत-सी जानकारी उपलब्ध है, लेकिन हिन्दी में कहीं भी विस्तार से कुछ नहीं मिला, सो, मैंने सोचा, क्यों न आपने पाठकों के लिए इस बेहद रोचक और मज़ेदार खेल के बारे में एक पोस्ट डाल दी जाए... वैसे, इंटरनेट पर इसे 'हनोई का टॉवर (Tower of Hanoi), 'ब्रह्मा का टॉवर' (Tower of Brahma) या 'लुकास टॉवर' (Lucas' Tower) के नाम से भी खोजा सकता है...


'ब्रह्मा की मीनार' (Tower of Brahma) को तीन सलाखों और अलग-अलग आकार की कुछ चपटी गोटियों (कैरम बोर्ड जैसी गोटियों) से खेला जाता है, जिन्हें सलाखों में पिरोया जा सके... पहेली की शुरुआत किसी भी एक सलाख पर सभी गोटियों को एक-दूसरे के ऊपर बढ़ते क्रम में लगाकर की जाती है (यानि सबसे छोटी गोटी सबसे ऊपर), ताकि शंकु (Cone) की आकृति मिल सके... पहेली का उद्देश्य है, सभी गोटियों को उसी आकार में अंतिम सलाख तक ले जाना, जिसके लिए कुछ शर्तों का पालन करना ज़रूरी है...
  • एक बार में सिर्फ एक गोटी को स्थानांतरित किया जा सकता है...
  • हर चाल में किसी भी सलाख से सबसे ऊपर मौजूद सिर्फ एक गोटी को हिलाया जा सकता है, और उसे किसी भी अन्य सलाख पर सबसे ऊपर ही रखा जा सकता है...
  • किसी भी समय किसी भी गोटी को खुद से छोटे आकार की गोटी के ऊपर नहीं रखा जा सकता...
यदि आप पहेली को तीन गोटियों के साथ शुरू करते हैं, तो जीतने के लिए पहेली को सिर्फ सात चालों में खत्म करना होगा... इसी तरह यदि गोटियों की संख्या चार है, तो जीतने के लिए अधिकतम चालों की संख्या 15 होगी... यानि हर बार अधिकतम चालों की संख्या '(2 की घात n) - 1' ही रहेगी, जहां n का अर्थ गोटियों की संख्या है... 


वैसे, सलाखों और अलग-अलग आकार की गोटियां जुटाने का तामझाम काफी मुश्किल साबित हो सकता है, सो, आप लोगों की जानकारी के लिए बता देना चाहूंगा कि मैंने अलग-अलग आकार के चार ढक्कनों (बोतलों के ढक्कन) से यह खेल खुद भी खेला, और अपने बच्चों को भी सिखाया... अब तो मेरे दोनों बच्चे - सार्थक और निष्ठा - भी 15 चालों में चार ढक्कनों से बनी 'ब्रह्मा की मीनार' (Tower of Brahma) को हल कर लेते हैं... और हां, इसमें सलाखों की भी ज़रूरत नहीं पड़ी... सो, इसी तरह की मिलती-जुलती चीज़ों से आप भी इसे तैयार कर सकते हैं, और खेल सकते हैं... यकीन मानिए, बहुत आनंद आएगा...

10 जनवरी का अपडेट : कल रात को थर्मोकोल के टुकड़ों से काट-काटकर बच्चों को 'हनोई का टॉवर' बनाकर दिया, जिसमें उनकी पेंसिलों ने सलाखों का काम किया... दोनों कल रात से बहुत खुश हैं... और आज सुबह पांच गोटियों वाले 'हनोई के टॉवर' को 31 चालों में पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं... देखिए कल रात की तस्वीर...

Thursday, August 25, 2011

वज़न बताओ बुलडोज़र का... (Tell the weight of the bulldozer...)

विशेष नोट : अगर आप जवाब ढूंढ लेते हैं तो ठीक, वरना कमेंट लिख दीजिएगा, मैं जवाब आपको मेल के जरिये भेज दूंगा...

  • एक बुलडोज़र के पहियों का वज़न आठ क्विन्टल है...
  • उसके इंजन का वज़न जानने के लिए उसके पहियों के वज़न में बॉडी का आधा वज़न जोड़ना होगा...
  • और उसकी बॉडी का वज़न हासिल करने के लिए पहियों और इंजन के वज़न को जोड़ना होगा...
अब आप लोग बताएं, पूरे बुलडोज़र का वज़न कितना है...?

Now, the same riddle in English...

Special Note: If you succeed in solving this one, well and good; but in case, you don't, just leave a comment, and I will mail the answer to you...
  • The wheels of a bulldozer weigh eight quintals...
  • To know the weight of it's engine, one has to add the weight of it's wheels to half of the weight of it's body...
  • And to get the weight of it's body, one has to add the weight of the engine and the wheels...
Now you guys tell me, how much does the whole bulldozer weigh...?

Friday, March 5, 2010

सार्थक और निष्ठा ने बांटे आम... (Saarthak & Nishtha shared mangoes...)

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सार्थक और निष्ठा ने एक थैली में भरे आम आपस में बांटे...

कुछ देर बाद निष्ठा ने कहा, "भैया, यह अच्छा नहीं किया आपने... आपके पास मेरी तुलना में तिगुने आम हैं..."

सार्थक ने मुस्कुराकर जवाब दिया, "ठीक है, बहना... मैं तुझे तेरी उम्र के हर साल के लिए एक आम दूंगा..."

निष्ठा ने आम लेकर तुरंत कहा, "नहीं, नहीं... अब भी नहीं चलेगा... आपके पास अब भी मेरी तुलना में दोगुने आम हैं..."

सार्थक ने फिर मुस्कुराकर जवाब दिया, "मेरी प्यारी बहना... यही ठीक है, क्योंकि मैं तेरी तुलना में दोगुना बड़ा हूं..."

इसके बाद सार्थक पानी पीने के लिए रसोई की तरफ गया, तो पीछे से निष्ठा ने सार्थक की ढेरी में से सार्थक की उम्र जितने आम उठाकर अपनी ढेरी में रख लिए...

अब आप लोग बताइए, अंत में किसके पास ज़्यादा आम हैं - सार्थक या निष्ठा...?

Now, the same riddle in English...

Special Note: If you succeed in solving this one, well and good; but in case, you don't, just leave a comment, and I will mail the answer to you...

Saarthak and Nishtha divided a bag of Mangoes between them...

Nishtha said, "It's not fair, Bhaiya... You have three times as many Mangoes as I have..."

Saarthak smiled, and said, "OK, kid sis, I will give you one Mango for each year of your age..."

After taking mangoes, Nishtha immediately replied, "Still not fair, Bhai... You still have twice as many Mangoes as I have..."

"My dear lil sis, that's fair enough as I am twice older than you...", replied Saarthak smiling...

Then Saarthak went to the Kitchen to drink some water, and as soon as he left, Nishtha took Mangoes from Saarthak's pile equal to Saarthak's age...

Now, you guys tell me, who have more Mangoes now - Saarthak or Nishtha...?

वैलेन्टाइन्स डे, और सार्थक की सहेलियां... (Valentine's Day, and Saarthak's girlfriends...)

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वैलेन्टाइन्स डे पर सार्थक से मिलने के लिए उसकी चार सहेलियां घर आईं... (अब यहां पेंच यह है कि नीचे लिखे समय सुबह या शाम (AM or PM), कभी के भी हो सकते हैं...)
  • अनामिका 8:00 बजे आई...
  • भूमिका 9:00 बजे आई...
  • चित्रा 10:00 बजे आई...
  • दिव्या 11:00 बजे आई...
  • सार्थक से भूमिका और दिव्या की मुलाकातों के बीच चित्रा ने सार्थक से मुलाकात नहीं की...
  • अनामिका और भूमिका की सार्थक से मुलाकातों के बीच कम से कम एक लड़की ने सार्थक से मुलाकात की...
  • अनामिका ने, चित्रा और दिव्या, दोनों से पहले सार्थक से मुलाकात नहीं की...
क्या आप लोग बता सकते हैं, कौन-सी सहेली कितने बजे सार्थक से मिलने पहुंची...?

Now, the same riddle in English...

Special Note: If you succeed in solving this one, well and good; but in case, you don't, just leave a comment, and I will mail the answer to you...

Anamika, Bhoomika, Chitra and Divya visited Saarthak on the Valentine's Day... (But the catchline is: Each time mentioned below may be either AM or PM...)
  • Anamika came at 8:00...
  • Bhoomika came at 9:00...
  • Chitra came at 10:00...
  • Divya at 11:00...
  • Chitra did not visit Saarthak between Bhoomika and Divya...
  • At least one female visited Saarthak between Anamika and Bhoomika...
  • Anamika did not visit Saarthak before both Chitra and Divya...
Can you tell at what time did they individually visit Saarthak...?

Thursday, December 31, 2009

ताश का खेल, और तीन जोड़े...

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तीन दोस्तों सक्षम, कैलाश और ललित की पत्नियों के नाम कामाक्षी, भारती और मीना हैं, लेकिन हो सकता है, मैंने क्रम गड़बड़ कर दिया हो...
सभी लोग पिकनिक पर गए, जहां चार लोग ताश खेलने बैठ गए...

एक तरफ पार्टनर हो गए, सक्षम की पत्नी और भारती का पति और दूसरी ओर कामाक्षी और मीना का पति...

अब स्थिति यह थी कि कोई भी महिला अपने पति की पार्टनर नहीं थी...

और हां, कैलाश ताश नहीं खेलता है...

अब आप लोग बताइए, कैलाश की पत्नी कौन है...?

Now, the same riddle in English...

Special Note: If you succeed in solving this one, well and good; but in case, you don't, just leave a comment, and I will mail the answer to you...

Three friends - Saksham, Kailash and Lalit - are married to Kamakshi, Bharti and Meena, but not necessarily in the same order...

Saksham's wife and Bharti's Husband play as partners with Kamakshi and Meena's husband at bridge, when they go to a picnic...

No wife partners her husband and Kailash does not play bridge...

Now, you guys tell me, who is married to Kailash...?